पाकिस्तान के बलूचिस्तान में विद्रोहियों ने एक बार फिर वहां की सरकार और आसिफ मुनीर की सेना को लहूलुहान कर दिया है. बलूचों के विद्रोही समूह बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तान सेना के खिलाफ आक्रामक अभियान चला रखा है, जिसने उसे ऑपरेशन हेरोफ फेज 2 नाम दिया है. उसने दावा किया है कि उसके हमले बलूचिस्तान के कई जिलों में 40 घंटे से अधिक समय से जारी हैं. BLA का दावा है कि पाकिस्तानी सेना, पुलिस और फ्रंटियर कोर के 200 से अधिक कर्मी मारे गए हैं, और कम से कम 17 व्यक्तियों को पकड़ लिया गया है. वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान की सरकार ने दावा किया है कि सेना के जवाबी हमले में BLA के 145 विद्रोही मारे गए हैं और केवल 17 सैनिक मारे गए हैं.
दावा किसी भी पक्ष का सही हो लेकिन एक बात तो साफ है, बलूचिस्तान के लोगों का विद्रोह पाकिस्तान के लिए वो नासूर बन चुका है जिसका जिम्मेदार वो खुद है. इस विद्रोह को सबसे आगे से लीड करने वाले समूह का नाम है बलूच लिबरेशन आर्मी या BLA. चलिए आज हम उसी बलूच लिबरेशन आर्मी की कहानी जानते हैं. समझेंगे कि इनका लक्ष्य क्या है, यह और अधिक घातक कैसे होती जा रही है. ये किनको निशाने पर ले रही है.
Q- बलूच लिबरेशन आर्मी क्या है?
बलूच लिबरेशन आर्मी या BLA अफगानिस्तान और ईरान के बॉर्डर से लगे पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में लंबे समय से सक्रिय कई विद्रोही समूहों में सबसे मजबूत है. यह समूह बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग कर एक स्वतंत्र देश बनाने की मांग करता है. BLA का मानना है कि बलूचिस्तान को 1947 के विभाजन के बाद उनकी मर्जी के खिलाफ पाकिस्तान में शामिल किया गया था. वे पाकिस्तान सरकार और मुख्य रूप से पंजाब क्षेत्र पर बलूचिस्तान के प्राकृतिक गैस और खनिजों जैसे संसाधनों के कथित शोषण का आरोप लगाते हैं. यह समूह चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) और ग्वादर पोर्ट जैसे प्रोजेक्ट्स का कड़ा विरोध करता है. BLA इसे संसाधनों की लूट और बलूच संप्रभुता के लिए खतरा मानता है.
Q- BLA का लक्ष्य क्या है?
BLA का सबसे बड़ा लक्ष्य यही है कि वह बलूचिस्तान को पाकिस्तान से स्वतंत्र करना चाहता है. यह बलूचिस्तान के कई जातीय विद्रोही समूहों में से सबसे बड़ा है, जिन्होंने दशकों से पाकिस्तान की सरकार से लड़ाई लड़ी है. उनका कहना है पाकिस्तान की यह सरकार बलूचिस्तान के समृद्ध गैस और खनिज संसाधनों का गलत तरीके से शोषण करती है.
