अक्सर चावल पकाते समय या धोते समय इसका पानी फेंक दिया जाता है, लेकिन आयुर्वेद और विज्ञान दोनों मानते हैं कि यही पानी बालों के लिए अमृत समान हो सकता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व बालों को भीतर से ताकत देने का काम करते हैं और धीरे-धीरे उनकी सेहत सुधारते हैं. आयुर्वेद के अनुसार, चावल का पानी शीतल और पोषण देने वाला होता है. यह सिर की त्वचा को ठंडक देता है, जलन कम करता है और बालों की जड़ों को मजबूती प्रदान करता है. वहीं, विज्ञान की मानें तो चावल के पानी में अमीनो एसिड, विटामिन बी, विटामिन ई और प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. ये तत्व बालों के टूटने को कम करते हैं, नमी बनाए रखते हैं और बालों को मजबूती देते हैं.
नेचुरल क्लींजर
चावल का पानी बालों पर प्राकृतिक क्लींजर की तरह काम करता है. जब चावल को धोते समय निकला पानी या थोड़े समय के लिए भिगोए गए चावल का पानी बालों पर इस्तेमाल किया जाता है, तो यह बालों में जमा गंदगी को हटाने में मदद करता है और उन्हें रूखेपन से भी बचाता है. नियमित रूप से इस्तेमाल करने पर बालों में धीरे-धीरे मजबूती आने लगती है.
नई ग्रोथ
सिर की मालिश के लिए चावल का पानी इस्तेमाल करना भी फायदेमंद माना जाता है. जब हल्के हाथों से इस पानी से सिर की त्वचा की मालिश की जाती है, तो रक्त संचार बेहतर होता है. इससे बालों की जड़ों तक पोषण पहुंचता है और नई ग्रोथ होती है. आयुर्वेद में इसे वात और पित्त को संतुलित करने वाला उपाय माना गया है, जिससे बालों का झड़ना धीरे-धीरे कम हो सकता है.
